Best Hindi sex stories

Sab se achi Indian Hindi sex kahaniya!

अर्पिता को घोड़ी बना दिया

Antarvasna, hindi sex stories: मैं अपने ऑफिस से वापस लौट रहा था तो सोचा कि जीतेन्द्र को फोन कर लूं। मैंने जीतेन्द्र को फोन किया और जब मैंने जीतेन्द्र को फोन किया तो जीतेन्द्र मुझे कहने लगा कि आज तुमने मुझे कैसे याद कर लिया। मैंने जीतेन्द्र को कहा कि बस ऐसे ही सोच रहा था कि काफी दिनों से तुमसे बात नहीं हो पाई है तो तुमसे फोन पर बात कर लूँ। मैंने जीतेन्द्र को कहा तुम आज क्या कर रहे हो तो जीतेन्द्र ने मुझे बताया कि मैं अपना बिजनेस शुरू कर चुका हूं। मैं और जीतेन्द्र एक दूसरे को काफी समय से जानते हैं मैंने जीतेन्द्र को कहा कि ठीक है मैं तुमसे मिलने के लिए प्लान बनाता हूं। जीतेन्द्र कहने लगा कि हां क्यों नहीं तुम मुझसे मिलने के लिए जरूर आना और फिर मैंने फोन रख दिया था। मैं घर पर पहुंचा तो मैंने देखा उस दिन घर पर मां नहीं थी मैंने पापा से कहा कि पापा मां कहां है तो वह मुझे कहने लगी कि वह पड़ोस में गई हुई है थोड़ी देर बाद आती ही होगी।

मैं भी अपने रूम में चला गया और मैं अपने कपड़े चेंज करने के बाद हॉल में बैठा हुआ था कि तभी मां भी आ गई। मां ने मुझे कहा कि आकाश तुम कब आए तो मैंने मां से कहा कि मां मैं थोड़ी देर पहले ही ऑफिस से लौटा हूं उस वक्त 8:00 बज रहे थे। मैं थोड़ी देर हॉल में ही बैठा हुआ था उसके बाद मैं रूम में चला गया। मैं जब रूम में गया तो उसके थोड़ी देर के बाद ही मां ने मुझे आवाज देते हुए कहा कि आकाश बेटा खाना खाने के लिए आ जाओ। मैं भी डाइनिंग टेबल पर बैठा हुआ था मां ने खाना लगा दिया था और हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया। डिनर करने के बाद मैं अपने रूम में आ गया और अगले दिन मुझे अपने ऑफिस जल्दी जाना था तो मैंने मां से कहा कि मुझे कल ऑफिस जल्दी जाना है। मां ने कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे लिए कल सुबह जल्दी नाश्ता बना दूंगी। अगले दिन सुबह जब मैं तैयार हुआ तो मां मेरे लिए नाश्ता बना चुकी थी मां ने मुझे टिफिन दिया और कहा कि बेटा तुम ऑफिस से तो टाइम पर आ जाओगे। मैंने मां से कहा कि हां मां मैं ऑफिस से टाइम पर आ जाऊंगा।

पापा और मां को उनके किसी दोस्त के घर जाना था तो उन्होंने मुझसे कहा था कि तुम टाइम पर आ जाना मैंने कहा कि ठीक है मैं जल्दी घर आ जाऊंगा। उस दिन जब मैं घर पहुंचा तो मां ने मुझसे कहा कि बेटा हम लोग रात तक लौट आएंगे मैंने मां से कहा कि ठीक है। मां ने मेरे लिए खाना बना दिया था और फिर वह लोग चले गए थे। मैं घर पर अकेला ही था तो मैंने खाना खाया फिर मैं अपने रूम में चला गया। मैं अपने फोन में अपनी कुछ पुरानी तस्वीर देख रहा था उसमें मुझे अर्पिता की तस्वीर दिखी। अर्पिता जो कि हमारे साथ कॉलेज में पढ़ा करती थी उससे मेरा काफी सालों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। ना तो मेरी उससे कोई बात हुई थी और ना ही मेरी उससे कोई मुलाकात हो पाई थी। मैंने उस दिन अपने दोस्त अंकित को फोन किया और जब मैंने उस दिन अंकित को फोन किया तो अंकित ने मुझे कहा कि मैं सोच ही रहा था कि मैं तुमसे बात करूँ।

मैंने अंकित को कहा कि अंकित क्या हम लोग कल मुलाकात कर सकते हैं तो वह मुझे कहने लगा कि हां क्यों नहीं और अगले दिन हम लोगों ने मिलने का फैसला किया। मैं अंकित को मिलकर काफी खुश था। अंकित से मैं काफी समय के बाद मिल रहा था लेकिन उससे मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा और अंकित भी बहुत ज्यादा खुश था। मैं उस दिन घर वापस लौट आया था और उस दिन मैंने अर्पिता का नंबर अंकित से ले लिया था। मैंने उस दिन अर्पिता को फोन किया अर्पिता से काफी समय बाद मेंरी बात हो रही थी इसलिए वह पहले तो मुझे पहचान ही नहीं पाई लेकिन फिर अर्पिता ने मुझे पहचान लिया था। अब हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो मैंने अर्पिता को कहा कि ऐसे ही तुम्हारे बारे में सोच रहा था तो मैंने अंकित से तुम्हारा नंबर ले लिया। अर्पिता मुझे कहने लगी कि तुमने बहुत ही अच्छा किया। अर्पिता अम्बाला में रहती है और उसने मुझे बताया कि वह वापस दिल्ली आ रही है। अर्पिता अम्बाला में नौकरी करती थी और अब उसकी नौकरी दिल्ली में लग चुकी थी।

अर्पिता बहुत ही ज्यादा खुश थी और मुझे भी बहुत ही अच्छा लगा जब उस दिन मैंने अर्पिता से फोन पर बातें की। अर्पिता से मेरी बात अब काफी दिनों तक हो नहीं पाई थी लेकिन जब वह दिल्ली आई तो उसने मुझे फोन किया। अर्पिता ने मुझसे मिलने की बात कही तो मैं उससे मिलने के लिए चला गया। जब मैं अर्पिता को मिलने के लिए गया तो उस दिन अर्पिता को देखकर मैं उसे पहचान ही नहीं पाया क्योंकि वह पूरी तरीके से बदल चुकी थी। अर्पिता पहले बहुत ही सिंपल थी लेकिन उस दिन अर्पिता को देख कर मुझे बहुत ही अच्छा लगा। अर्पिता अब पूरी तरीके से बदल चुकी है और उसके अंदर काफी बदलाव आ चुका था लेकिन अभी भी उसका स्वभाव पहले की तरह ही है। उस दिन हम दोनों ने एक दूसरे से जब मुलाकात की तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगा और मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी थी कि अर्पिता और मैं एम दूसरे के साथ अच्छा समय बिता पा रहे थे। उस दिन के बाद हम लोगों का मिलना हमेशा ही होने लगा और हम दोनों जब भी एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बहुत अच्छा लगता। मैं अर्पिता से मिलकर बहुत खुश हूं हम लोगों की मुलाकातों का दौर बढ़ने लगा था। कहीं ना कहीं हम दोनों के बीच प्यार भी पनपने लगा था यही वजह थी कि मैं और अर्पिता एक दूसरे के साथ अब ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने लगे थे।

हम लोग जब भी एक दूसरे के साथ में होते तो हम दोनों बहुत ही खुश होते। मैं और अर्पिता एक दूसरे से अपनी हर एक बात शेयर करने लगे थे। अर्पिता को मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा और जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ अपने रिलेशन को शुरू किया है वह हम दोनों के लिए बहुत ही अच्छा है। अब हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करने लगे हैं और मैं अर्पिता के साथ रिलेशन में बहुत ही खुश हूं।  अर्पिता और मैं रिलेशन में बहुत ही ज्यादा खुश हैं। हम दोनों के बीच प्यार बहुत ही ज्यादा है लेकिन अब कहीं ना कहीं मुझे और अर्पिता को एक दूसरे का साथ अकेले में समय बिताना अच्छा लगने लगा था। एक दिन मैं अर्पिता के घर पर गया हुआ था। उसने मुझे अपने घर पर बुलाया था। उस दिन ना जाने मेरे अंदर अर्पिता को लेकर क्या चल रहा था और अर्पिता भी इस बात से बड़ी खुश थी।

हम दोनों अकेले में समय बिता पा रही है लेकिन जब मैं अपने अंदर की गर्मी को रोक ना सका तो अर्पिता के होठों को मैं चूमने लगा। वह पूरी तरीके से गर्म होती चली गई और उसकी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ती चली गई।  वह उत्तेजित होती जा रही थी और मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ रही थी। मैंने  अर्पिता की चूत पर अपने लंड को घुसाते हुए अंदर की तरफ को घुसाना शुरू किया। जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत को चिरता हुआ अंदर की तरफ गया तो उसकी चूत से खून की पिचकारी बाहर निकाल आई थी। जब उसकी चूत से खून निकला तो मेरे धक्के बहुत तेज हो रहे थे। मैं उसके दोनों पैरों को खोल कर उसे तेजी से धक्के देने लगा था और उसकी सिसकारियां बढ़ती जा रही थी। मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ रही थी और मैं पूरी तरीके से गरम हो चुका था। अर्पिता भी बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी वह मुझसे कहने लगी मुझे और तेजी से सिसकारियां लो और मैं अर्पिता को तेज गति से धक्के दिए जा रहा था।

मैं जिस तेज गति से उसे चोद रहा था उससे मेरी आग बढ़ रही थी। वह पूरी तरीके से गरम हो चुकी थी मैंने अर्पिता की चूत के मजे बहुत देर तक लिए और उसकी चूत में मैंने अपने माल को गिराकर उसकी चूत की खुजली को शांत कर दिया था। मैंने जब अर्पिता की चूत में अपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई थी और मैं भी काफी ज्यादा खुश था। मैंने अर्पिता को घोड़ी बना दिया। उसे घोडी बनाने के बाद मैंने उसे चोदना शुरू किया तो उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड बहुत तेजी से हो रहा था। उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड आसानी से हो रहा था उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर निकल रहा था और मुझे मजा आ रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया था अब मेरा माल उसकी चूत के अंदर हो चुका था।

Best Hindi sex stories © 2020

Online porn video at mobile phone


sex kahaniaunty sex storiesbf hindigujrati sexantarvasna. comindian incest chatnew hindi sex storyantarvasna taisex kathasuhag raathindi sex storysantarvasna hot storiesbhabhisexdesi porn blogantarvasna ristosex stories englishmastram ki kahaniyaanterwasanabur chudaiantarvasna com hindi sexy storiesdesi porn blogdesi lundsex sagarnew hot sexchatovodhoneymoon sexsex story.comantarvasna video hindidesi xossipantarvasna gujaratidesi sexy storiesantarvasna videosantarvasna hindi audioantarvasna audio storysex storiessex story.comdesi chootchudai kahaniyafaapyantarvasna girlzipkerantarvasna with pichindi antarvasna 2016indian incestantarvasna porn videosmastram sex storieschudai ki kahaniyahotel sexantarvasna bahan ki chudaiantarvasna marathi storyreal sex storiesporn hindi storieshindi sex kahaniyaantarvasna sexy kahaniincest storiesdudhwaliboobs sexyhindi chudaizipkermiruthan movieantarvasna sex videossheila ki jawaniporn with storyhindi sexy storyteacher sexindian aunty sexbur chudaihindi sexy storiessabita bhabisexy boobhindi sexy kahaniyakowalsky.com???porn storyantarvasna bhabhi hindiantarvasna android appaunty blouseantarvasna hindi bhabhiindian wife sex storiesantarvasna lesbianantarvasna vediosaunty xxxchudai ki kahaniyaantarvasna in hindi comhindi gay sex stories