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चूत लंड की जंग में सेक्स जीता

Desi kahani, antarvasna: हर रोज की तरह मैं अपने ऑफिस से घर लौट रहा था मैं शाम के 6:30 बजे अपने ऑफिस से निकला और मैं जब अपनी कॉलोनी के पास पहुंचने ही वाला था तो एक मोटरसाइकिल सवार लड़का जो की बड़ी तेजी से आ रहा था उसने मेरी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और मैं गिर पड़ा जिससे कि मुझे काफी चोट आई। जब मैं डॉक्टर के पास गया तो डॉक्टर ने मुझे कुछ दिनों के लिए घर पर आराम करने के लिए कहा। मैंने कुछ दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी ले ली थी मैंने ऑफिस से छुट्टी ली और उसके बाद मैं घर पर ही आराम कर रहा था। मेरे रिश्तेदार भी मुझसे मिलने के लिए आए। मेरी मां इस बात से बहुत ज्यादा दुखी थी कि मुझे काफी ज्यादा चोट आई है लेकिन सब कुछ ठीक होने लगा था और कुछ ही समय मे मैं ठीक हो चुका था ठीक होने के बाद मैंने दोबारा से ऑफिस ज्वाइन कर लिया। मैं जब अपने ऑफिस गया तो उस दिन मेरे ऑफिस में सब लोग मेरी तबीयत के बारे में पूछ रहे थे तो मैंने उन्हें कहा कि अब मैं ठीक हूं क्योंकि ऑफिस में सब लोगों को इस बारे में पता चल चुका था कि मेरा एक्सीडेंट हुआ है। जब मैं ऑफिस गया तो मैंने ऑफिस में एक नई लड़की को देखा मैंने पहली बार ही उस लड़की को देखा था शायद उसने कुछ दिनों पहले ही ऑफिस ज्वाइन किया था।

मैंने जब अपने दोस्त सुरेश से इस बारे में पूछा कि क्या वह लड़की नई आई है तो वह मुझे कहने लगा कि हां कुछ दिनों पहले ही उसने ऑफिस ज्वाइन किया है। मेरा परिचय भी रचना के साथ हो चुका था रचना से बातें करना मुझे अच्छा लगता और हम लोग ऑफिस में ज्यादा समय साथ में बिताने लगे थे। रचना को मेरा साथ काफी अच्छा लगता और मुझे भी रचना काफी पसंद थी, रचना के बारे में मैं ज्यादा जानता नहीं था। मेरी भी अभी शादी नहीं हुई थी और मैं भी सोचने लगा कि रचना के साथ अगर मेरी शादी हो जाए तो अच्छा रहेगा क्योंकि रचना के मैं बहुत ज्यादा करीब चला गया था और रचना भी मुझसे बात कर के अपने आप को काफी खुश महसूस किया करती। हम दोनों ही एक दूसरे के साथ ऑफिस में ज्यादातर समय बिताया करते थे। मैंने भी रचना को अपने दिल की बात कह दी थी तो उसे भी इस बात से कोई एतराज नहीं था और उसने भी मेरे प्यार को स्वीकार कर लिया था। हम दोनों का रिलेशन अब चल रहा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छे से अपने जीवन को बिता रहे थे। रचना और मैंने अब शादी करने का पूरा फैसला कर लिया था और जब मैंने रचना के परिवार वालों से इस बारे में बात की तो उन्हें भी कोई एतराज नहीं था।

हम दोनों की फैमिली हम दोनों के रिश्ते को स्वीकार कर चुकी थी और अब हम दोनों एक दूसरे से हमेशा ही मिला करते। हमारी शादी के लिए भी सब लोग तैयार हो चुके थे इसलिए हम दोनों ने अब जल्द ही शादी करने का फैसला कर लिया। जब रचना और मैंने शादी करने का फैसला किया तो मैंने अपने सारे दोस्तों को इस बारे में बताया और कुछ ही समय बाद हम दोनों की शादी हो गयी और रचना मेरी पत्नी बन चुकी थी। मैं बहुत ज्यादा खुश था कि रचना मेरी पत्नी बन चुकी है हम दोनों एक दूसरे के साथ कुछ दिनों के लिए कहीं घूमने के लिए जाना चाहते थे मैंने रचना से जब इस बारे में पूछा तो रचना ने मुझे बताया हम लोगों को शिमला घूमने के लिए जाना चाहिए। रचना को शिमला काफी ज्यादा पसंद है इसलिए हम लोगों ने शिमला जाने का प्लान बना लिया और हम लोग घूमने के लिए शिमला चले गए। मैंने सारा अरेंजमेंट कर लिया था और जब हम लोग शिमला गए तो वहां पर हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिता रहे थे शिमला में हम लोग 4 दिन तक रहे और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताया। चार दिन बाद हम लोग वापस लौट चुके थे रचना ने भी अब ऑफिस छोड़ दिया था और वह घर पर ही रहती थी। मैं अपने ऑफिस चले जाया करता तो रचना घर पर अकेले बोर हो जाती।

एक दिन रचना ने मुझसे कहा कि अमन मुझे तुमसे कुछ बात करनी है मैंने रचना को कहा हां रचना कहो ना तुम्हें क्या बात करनी है। रचना ने मुझे कहा कि मैं घर पर अकेले काफी ज्यादा बोर हो जाया करती हूं और मैं चाहती हूँ कि मैं दोबारा से जॉब करूँ, मैंने रचना को कहा अगर तुम्हें जॉब करनी है तो तुम जॉब कर सकती हो। रचना भी इस बात से काफी खुश थी और जल्दी ही उसकी जॉब एक अच्छी कंपनी में लग गई और वह जॉब करने लगी। रचना की जॉब लग चुकी थी और वह इस बात से काफी खुश थी। रचना और मैं एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा समय बिताया करते हम लोगों को जब भी मौका मिलता तो हम दोनों एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड कर लिया करते लेकिन काफी समय हो गया था जब रचना और मैंने साथ में समय नहीं बिताया था। एक दिन मेरे ऑफिस की छुट्टी थी तो मैंने रचना को कहा कि चलो आज हम लोग कहीं घूम आते हैं और उस दिन हम दोनों ही घूमने के लिए चले गए। उस दिन हम दोनों ने साथ में टाइम स्पेंड किया और हम लोगों ने काफी शॉपिंग भी की उसके बाद हम लोग घर लौट आए थे। जब हम लोग घर पहुंचे तो हम दोनों काफी ज्यादा थके हुए थे। मैंने रचना को कहा मुझे आज बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है। रचना मुझे कहने लगी मैं आपके लिए चाय बना कर ले आती हूं।

रचना मेरे लिए चाय बना कर ले आई जब वह मेरे लिए चाय बना कर लाई तो मैं और रचना साथ में बैठे हुए थे हम दोनों ने चाय पी ली। उस दिन जब मैं रचना से बातें कर रहा था तो मैंने रचना को कहा आज तुम मेरी थकान को दूर कर दो। रचना मुझे कहने लगी हां क्यों नहीं मैं आपकी थकान को अभी दूर कर देती हूं। रचना ने मेरी पैंट की चैन को खोलते हुए मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और उसने अपने हाथों में लिया तो मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा था। मुझे बहुत ज्यादा अच्छा महसूस हो रहा था रचना ने अब मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर उसे अच्छे से चूसना शुरू किया। रचना ने ऐसा करना शुरू किया तो मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आने लगा था और उसे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने रचना को कहा मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है। रचना और मैं अब एक दूसरे की गर्मी को झेल नहीं पा रहे थे जिस वजह से मैंने रचना को कहा तुमने तो मेरे लंड से पानी ही बाहर निकाल दिया है। वह मुझे कहने लगी कि मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने भी रचना से कहा तुम अपने कपड़ों को उतार दो। रचना ने अपने कपड़े उतारे।

मैंने उसकी चूतड़ों को दबाना शुरू किया। मै उसके स्तनों का दबाने लगा जब मैं रचना के बड़े स्तनों को दबाने लगा तो वह मुझे कहने लगी मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने रचना को कहा मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा है अब हम दोनों ही एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। मैंने रचना को कहा मेरे अंदर की गर्मी को तुमने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया है। मैंने अब रचना के स्तनों को चूसा तो उसे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था और वह कहने लगी मेरी चूत से तुमने पानी बाहर निकाल दिया है। मैंने रचना की चूत पर उंगली को लगाया जैसे ही मैंने उसकी चूत पर उंगली को लगाया तो वह मचलने लगी और कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। रचना की चूत से पानी कुछ ज्यादा ही बाहर निकलने लगा था मैंने उसके दोनों पैरों को खोल कर अपने लंड को रचना की चूत पर लगाया और रचना की चूत पर लंड को रगडना शुरू किया तो उसकी चूत की गर्मी बाहर की तरफ को निकलने लगी। मेरे लंड पर भी रचना की चूत का पानी लग चुका था अब मेरा लंड रचना की चूत में जाने के लिए बेताब था। मैंने अपने लंड को रचना की योनि के अंदर घुसा दिया मेरा मोटा लंड रचना की योनि के अंदर धीरे-धीरे प्रवेश होने लगा था।

जब मेरा लंड रचना की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मुझे मजा आने लगा और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है मेरे अंदर ही गर्मी भी अब बहुत बढ़ने लगी थी और रचना के अंदर की गर्मी भी बढ़ने लगी थी। मैंने रचना की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू किया जब मैने ऐसा करना शुरू किया तो वह बहुत जोर से चिल्ला रही थी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मेरे अंदर एक अलग ही गर्मी पैदा हो रही थी। रचना मुझे कहती आपने तो आज मेरी चूत का भोसड़ा ही बना दिया है। मैंने रचना से कहा मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है।

रचना मादक आवाज मे सिसकारियां ले रही थी जब वह अपनी मादक आवाज में सिसकारियां लेती तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आता। मैंने रचना को कहा मुझे तुम्हे चोदने में बहुत अच्छा लग रहा है। अब मैंने रचना के दोनों पैरों को खोल लिया था। मैंने उसके पैरों को खोल कर उसे बड़ी तेज गति से धक्के देना शुरू किया। मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था जिस प्रकार से मेरा लंड रचना की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। वह बहुत तेजी से चिल्ला रही थी और मुझे गर्म करने की कोशिश करती तो मुझे और भी ज्यादा मजा आता। मैंने उसे काफी देर तक चोदा। जब मेरा माल मेरे अंडकोषो से बाहर की तरफ आने वाला था तो मैं रचना को बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था जिस से कि मेरा वीर्य रचना की योनि में जा गिरा और रचना बहुत ज्यादा खुश हो गई।

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