Best Hindi sex stories

Sab se achi Indian Hindi sex kahaniya!

दो चूत और मेरा लंड

Antarvasna, hindi sex kahani: मेरी और संजना की शादी को हुए दो वर्ष हो चुके हैं हम दोनों शादी के बाद कोलकाता आ गए थे कोलकाता में ही मेरी जॉब लग गई थी इसलिए मैं संजना को अपने साथ ले आया था। संजना भी कोलकाता में जॉब करने लगी थी और हम दोनों अपनी जिंदगी अच्छे से एक दूसरे के साथ चला रहे थे सब कुछ ठीक चल रहा था। एक दिन मैं और संजना साथ में बैठे हुए थे संजना मुझसे कहने लगी कि रमन काफी समय हो गया है हम लोग मम्मी पापा से भी नहीं मिले हैं। मैंने संजना को कहा हां यह तो तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो काफी समय हो गया है हम लोग पापा मम्मी से भी नहीं मिल पाए। संजना चाहती थी कि हम लोग कुछ दिनों की छुट्टी ले ले और अपने घर बनारस हो आये तो मैंने संजना को कहा कि ठीक है हम लोग कुछ दिनों के लिए बनारस हो आते हैं। हम लोग बनारस जाने की तैयारी करने लगे मैंने ट्रेन की टिकट करवा ली थी संजना ने भी सामान पैक कर लिया था और हम लोग बनारस चले गए।

जब हम लोग बनारस गए तो काफी समय बाद अपने परिवार वालों से मिलकर बहुत अच्छा लग रहा था पापा और मम्मी बड़े खुश थे वह लोग कहने लगे कि बेटा तुम लोगों को घर आए हुए काफी समय हो चुका है। मैंने मम्मी से कहा हां यह तो आप बिल्कुल ठीक कह रही हैं लेकिन इस बीच  ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम हो गया था इसलिए मैं छुट्टी लेकर आ नहीं पाया था लेकिन कुछ दिनों तक हम लोग घर पर ही रहेंगे। मां कहने लगी कि चलो बेटा यह तो अच्छी बात है हम लोग तो कब से इस बारे में सोच रहे थे कि तुम लोग कुछ दिनों के लिए घर आ जाते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता। मैं और संजना अपने रूम में चले गए और हम लोग साथ में बैठे हुए थे तो संजना मुझे कहने लगी कि रमन मुझे तुमसे एक बात पूछनी थी। मैंने संजना को कहा कि हां संजना पूछो ना, वह मुझे कहने लगी कि मैं सोच रही हूं की मैं कल पापा और मम्मी से भी मिल लूँ मैंने संजना को कहा ठीक है मैं भी कल तुम्हारे साथ चलूंगा। हम लोग अगले दिन संजना के पापा मम्मी से मिलने के लिए चले गए, हम लोग जब संजना के पापा मम्मी से मिलने के लिए गए तो संजना अपने माता-पिता से मिलकर बहुत ज्यादा खुश थी।

संजना और मैं उस दिन शाम को वहां से घर लौट आए थे जब हम लोग घर लौटे तो उस दिन पापा भी जल्दी अपने दफ्तर से आ गए थे पापा एक सरकारी विभाग में नौकरी करते हैं। उस दिन हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया काफी समय बाद मुझे अपने परिवार के साथ अच्छा मौका मिल पा रहा था तो मैं बहुत ज्यादा खुश था। हम लोग घर पर करीब 15 दिनों तक रहे उसके बाद हम लोग वापस कोलकाता लौट आए इन 15 दिनों का कुछ पता ही नहीं चला कितनी जल्दी से समय निकलता चला गया। जब हम लोग कोलकाता पहुंचे तो अगले दिन से मैं और संजना अपने ऑफिस जाने लगे ऑफिस में काम कुछ ज्यादा हो जाने की वजह से मैं देर रात से घर लौट रहा था। यह सिलसिला करीब एक हफ्ते तक चला तो संजना मुझे कहने लगी कि रमन आजकल आप ऑफिस के चलते कुछ ज्यादा ही बिजी रहते हैं। मैंने संजना को कहा कि संजना तुम तो जानती ही हो की ऑफिस में आजकल कितना ज्यादा काम है इसलिए तो मुझे देर हो जाती है। संजना मुझे कहने लगी कल तो आपकी छुट्टी होगी मैंने संजना को कहा कल तो संडे है और कल मेरी छुट्टी है संजना कहने लगी कि क्यों ना कल हम लोग साथ में मूवी देखने के लिए जाए। मैंने संजना को कहा ठीक है कल हम मूवी देखने के लिए जाएंगे और अगले दिन हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए। सुबह के करीब 11:00 बज रहे थे जब हम लोग घर से निकले थे मूवी खत्म हो जाने के बाद हम लोग घर वापस लौट आये जब हम लोग वापस लौटे तो संजना मुझसे कहने लगी कि आज काफी दिनों बाद आपके साथ समय बिता कर अच्छा लगा। मैंने संजना को कहा कि मेरे पास समय नहीं था इस वजह से मैं तुम्हारे साथ कहीं बाहर नहीं जा पा रहा था लेकिन आज मेरी छुट्टी थी तो भला इस मौके को मैं कैसे छोड़ सकता था। संजना मेरी इस बात से खुश थी और अब जल्द ही संजना का बर्थडे आने वाला था। मैं संजना को उसके बर्थडे के लिए गिफ्ट देना चाहता था मैंने संजना के लिए एक रिंग ले ली जो कि मैंने उससे छुपा कर रखी थी। मैंने उसे इस बारे में कुछ बताया नहीं था और जब वह रिंग मैंने उसे दी तो वह खुश हो गई वह मुझे गले लगा कर कहने लगी कि रमन आप मेरा कितना ध्यान रखते हैं। मैंने संजना को कहा कि मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं आखिर तुम्हारी वजह से ही मेरी जिंदगी इतनी बदल पाई है अगर तुम उस वक्त मुझे नहीं कहती कि मुझे कोलकाता जॉब के लिए आ जाना चाहिए तो शायद मैं बनारस में ही कहीं छोटी-मोटी नौकरी कर रहा होता फिर मैंने भी फिर फैसला किया कि मुझे कोलकाता जाना चाहिए यह सब तुम्हारी वजह से ही तो हुआ है।

संजना और मेरे परिवार के बीच पहले से ही काफी घनिष्ठता थी क्योंकि उन लोगों का हमारे घर पर अक्सर आना-जाना होता था। संजना के पापा मेरे पापा के काफी अच्छे दोस्त हैं जब संजना के पापा ने मेरे पापा से इस बारे में बात की तो पापा ने भी मुझसे पूछा और मुझे भी संजना पसंद थी इसलिए मैंने भी रिश्ते के लिए हामी भर दी और हम दोनों की शादी हो गई। मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी से बहुत ही खुश हूँ और मेरी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था और संजना भी अपनी जॉब से बड़ी खुश थी। एक दिन जब संजना ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाने वाली है तो मैंने संजना को कहा कि लेकिन दिल्ली तुम्हे क्यों जाना है। संजना कहने लगी कि वहां उसकी कोई ट्रेनिंग होने वाली है जो कि उसके ऑफिस के माध्यम से अरेंज की गई है तो मैंने संजना को कहा कि ठीक है लेकिन तुम वहां से कब लौटोगी। संजना ने मुझे बताया कि उसे वहां से आने में करीब एक हफ्ता लग जाएगा मैंने संजना को कहा ठीक है। मैं संजना को उस दिन एयरपोर्ट तक छोड़ने भी गया और संजना को कहा कि तुम अपना ध्यान रखना संजना कहने लगी हां रमन मैं अपना ध्यान रखूंगी।

संजना दिल्ली जा चुकी थी और मैं कोलकाता में अकेला ही था जब संजना दिल्ली पहुंची तो मैंने उससे फोन पर बात की हम लोगों की फोन पर काफी देर तक बातें हुई और फिर मैंने फोन रख दिया। मेरे पड़ोस में एक लड़की रहने के लिए आई। वह मेरे पड़ोस में रहने के लिए आई थी मैं और निकिता एक दूसरे से बातें करने लगे। निकिता की उम्र यही कोई 25 वर्ष के आसपास रही होगी वह दिखने मे बहुत सुंदर है। वह अपने रिलेशन के टूट जाने की वजह से बहुत ज्यादा उदास थी हम लोगों की बातचीत काफी अच्छी हो चुकी थी यह सिर्फ 2, 3 दिन में ही हुआ था। निकिता ने मुझे अपना सब कुछ मान लिया था मुझे उसके साथ बात करना अच्छा लगता। एक दिन में अपने ऑफिस से लौटा तो निकिता ने मुझे कहा रमन अगर आपको बुरा ना लगे तो आज क्या हम लोग कहीं घूमने के लिए साथ में जा सकते हैं। मैंने निकिता को कहा ठीक है मैंने उसे कहा बस मैं अभी तैयार हो जाता हूं मैं जल्दी से तैयार हो गया उसके बाद हम लोग घूमने के लिए साथ में चले गए। हम लोगों ने उस दिन काफी अच्छा समय साथ बिताया जब हम लोग वापस लौट तो निकिता ने मुझे कहा आज मैं आपके लिए खाना बना लेती हूं। मैंने निकिता को कहा रहने दो लेकिन उसने मुझसे कहा आप आज मेरे साथ ही खाना खा लीजिएगा वैसे भी मैं भी तो अकेली ही हूं। मैंने निकिता को कहा ठीक है हम लोगों ने उस दिन साथ में डिनर किया। निकिता काफी ज्यादा परेशान लग रही थी मैंने उससे कहा तुम्हे अपने रिलेशन को भूलकर आगे बढ़ना चाहिए। वह मुझे कहने लगी मैंने अपने बॉयफ्रेंड के लिए सब कुछ किया ना जाना इतने वर्षों में मैंने उसके लिए क्या कुछ नहीं किया लेकिन उसने मेरे साथ बहुत ज्यादा गलत किया।

मैंने उसे कहा तुम इस बारे में छोडो यह कहते हुए मैंने निकिता को अपनी बाहों में ले लिया। जब मैंने उसे अपनी बाहों में लिया तो वह मुझसे चिपक कर रोने लगी। मैंने उसे कस कर पकड़ लिया था उसके स्तन और मेरी छाती आपस में मिलने लगे थे जिस से कि मेरे अंदर आग लगने लगी। वह मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही हूं मैंने निकिता को कहा रहा तो मुझसे भी नहीं जा रहा है बस यह कहते ही हम लोग निकिता के बेडरूम में आ गए और वहां पर जब हम दोनों ने एक दूसरे के साथ संभोग करना शुरू कर दिया तो निकिता को अच्छा लगने लगा। वह मेरे सामने नंगी लेटी थी मेरा लंड उसकी चूत मे घुसा हुआ था मोटा लंड जब उसकी योनि के अंदर बाहर हो रहा था तो उसको बड़ा मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत ही अच्छा लग रहा था मेरे अंदर की गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी।

उसके अंदर की भी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने निकिता को कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसको अच्छा लगने लगा और मुझे भी बड़ा अच्छा लग रहा था। जब निकिता के मुंह के अंदर मैंने अपने माल को गिराया तो कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही साथ में लेट रहे लेकिन फिर निकिता ने अपने पैरों को खोल लिया जब मैंने उसके पैरो को खोल दिया तो मैंने उसकी योनि के अंदर बाहर लंड को करना शुरू किया। मुझे बड़ा मजा आ रहा था वह मेरा साथ देकर बडी ही खुश थी निकिता को मुझसे प्यार हो गया था इसलिए वह मुझसे ज्यादा से ज्यादा मिलने की कोशिश किया करती। मैं पहले से ही शादीशुदा हूं इसलिए मुझे निकिता और संजना के बीच में सब कुछ मैनेज कर के चलना पड़ता लेकिन फिलहाल तो मैं संजना और निकिता दोनों के साथ ही अपनी जिंदगी अच्छे से बिता रहा हूं।

Best Hindi sex stories © 2017
error:

Online porn video at mobile phone


hindi sex.comantarvasna.antarvasna long storykamukta sex storyantarvasna chachi ki chudaisex hindi storyhindi sex kahaniaantarvasna old storyantarvasna taiindian sex stories in hindi fontaunty sex storieshindi sex storieshot sexy bhabhiantarvasna com kahaniantarvasna gay storieswww antarvasna sex storydesi sex storydesi chuchihot chudaisex story in marathiantarvasna aunty kidesi hindi sexmeena sexhindi sex.comsex antysex storescollege dekhoantarvasna storiessex storyhindisex storiesindian sex storiemom sex storiesantarvasna hindi hot storymy bhabhi.comlatest sex storiesreal indian sex storiesantarvasna wwwantarvasna risto mexxx kahanihindi me antarvasnaantarvasna hindi story 2014https antarvasnakamuk kahaniyaantarvasna free hindidesi sex imagessex stories indian????? ???????hot sexy boobsantarvasna hindi sex storiesboobs kissgandi kahaniyafree antarvasnachudai ki kahanidesi sex storyhot hot sexantarvasna . comankul sirmadam meaning in hindiindian cuckold storieshindi sex antarvasna comtechtudindian sex stories in hindixoosipantarvasna punjabihot aunty fuckantarvasna stories 2016antarvasna hindi kathahindi xxx sexdevar bhabhi sexmounimaindian sex storesxossimaa ki chudaidesi sexantarvasna hindi sexy stories comantarvasna gay???desi chudai kahanihindi sex comicssex storyantarvasna oldsex story in englishantravsnaantarvasna suhagrat????????