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मेरी शोभा आंटी-1

hindi sex stories हैल्लो दोस्तों, जिस तरह से पढ़ाई की कोई सीमा नहीं होती है, ठीक उसी तरह से प्यार करने में कोई उम्र नहीं होती। दोस्तों में पटना का रहने वाला हूँ और में 24 साल का जवान सुंदर मस्त दिखने वाला लड़का हूँ, मेरा रंग गोरा और में शरीर से हट्टाकट्टा हूँ। दोस्तों मुझे हमेशा मेरी शोभा आंटी की बहुत याद आया करती थी, वो दिखने में बहुत गोरी सुंदर और सुशील है। दोस्तों मेरी शोभा आंटी इतनी सुंदर हॉट सेक्सी लगती है कि कभी कभी मुझे मेरे अंकल की किस्मत पर जलन होने लगती है कि इतनी सुंदर आकर्षक पत्नी को जो उन्होंने पाया था।

दोस्तों मेरी शोभा आंटी का रंग बहुत गोरा एकदम दूध जैसा सफेद, वो दिखने में मस्त माल किसी को भी एक ही बार में अपना दीवाना बना दे ऐसी नजर आती और हर कोई उनको घूर घूरकर अपनी चकित नजरो से देखता। दोस्तों हर कोई उनको एक बार पाना चाहता है और ठीक वैसा ही मेरा भी हाल था। मेरी आंटी के बूब्स का आकार 38-28-39 और एकदम मस्त गदराया हुआ उनका वो गोरा बदन मुझे भी बिल्कुल पागल बनाए जाता था। दोस्तों वैसे तो में बहुत सारी औरतों को हमेशा देखा करता था, लेकिन मेरी शोभा आंटी की तरह सुंदर नजर आने वाली कोई भी नहीं थी, इसलिए मेरी नजर हमेशा उन्ही के ऊपर टिकी रहती थी। फिर में मौका मिलते ही उनको अपनी चोर नजर से देखा करता था, मेरे मन में उनके लिए बहुत सारे गंदे गंदे विचार आया करते थे, लेकिन मेरी आंटी की मेरे अंकल को बिल्कुल भी कदर नहीं थी और इसलिए वो उनके ऊपर इतना ध्यान नहीं देते। फिर वो कभी भी शराब पीकर शोभा आंटी को मारते-पीटते रहते और शोभा आंटी बेचारी चुपचाप हर दुःख दर्द को सह लेती थी वो किसी को भी अपने पति की उन हरकतों के बारे में नहीं बताती थी। फिर उस दिन में अपनी कंपनी के काम की वजह से कुछ दिनों उनके पास रुकने के इरादे से गया और में उनके घर पर पहुंचा, तब शोभा आंटी मुझे अचानक से आया हुआ देखकर बहुत खुश हो गयी।

अब उनकी खुशी का कोई भी ठिकाना नहीं था, उनकी खुशी उनके उस हंसते मुस्कुराते हुए चेहरे से मुझे साफ साफ नजर आ रही थी। फिर मुझे देखते ही उन्होंने तुरंत मुझे बड़े ही प्यार से अपने गले लगा लिया और फिर उन्होंने मुझे मेरे सर पर अपने प्यारे से नरम होंठो से चूम लिया। अब मेरे आने की खुशी को शोभा आंटी के उस खिले, चमकते हुए चेहरे पर देखने लायक थी, वो मुझे देखकर इतनी खुश थी कि वो कई देर तक मुझे दरवाजे से अंदर बुलाना ही भूल गई। फिर कुछ देर बाद मुझे अंदर आने को कहा में आकर बैठ गया और कुछ देर तक हमारे बीच यहाँ वहां की बातें होने के बाद में अब उठकर बाथरूम में जाकर नहाने पहुंच गया और गरम पानी से नहाकर में बाथरूम से बाहर निकलकर। अब अपनी शोभा आंटी और अंकल के साथ बैठकर दोबारा बातें करने लगा और उस दिन मेरे आने की खुशी में शोभा आंटी ने खाने में बस मेरी पसंदी का खाना बनाया था और वो खाना इतना स्वादिष्ट बना था कि आप पूछो ही मत में बता नहीं सकता। फिर लंबे सफ़र की वजह से में बहुत थका हुआ था और इसलिए में पास वाले कमरे में सोने चला गया और फिर अंकल भी मेरे जाने के बाद शराब की दुकान पर शराब पीने चले गये।

फिर शोभा आंटी मेरे पास कुछ देर तक बैठकर कुछ अपना काम कर रही थी और थोड़ी ही देर के बाद मुझे कब नींद लगी। उसके बाद अचानक रात को करीब तीन चार बजे में जब नींद से उठा, तब उस समय मुझे पास वाले कमरे से मेरी शोभा आंटी की कुछ आवाज़ आने लगी थी। अब मैंने देखा कि वो धीरे से अंकल को हिला हिलाकर जगाने की कोशिश कर रही थी, में एकदम दबे पैरों से पास के कमरे की तरफ जाकर देखने की कोशिश करने लगा। अब वो द्रश्य देखकर मेरी आंखे फटी की फटी रह गई, क्योंकि वो द्रश्य मेरे लिए बिल्कुल भी विश्वास करने वाला नहीं था और में ऐसा पहली बार देख रहा था। फिर वो सब कुछ देखकर मुझे पूरी सच्चाई का पता उसी रात को चल गया। दोस्तों मैंने देखा कि मेरी शोभा आंटी उस समय पूरी तरह से नंगी थी, उनके तन पर एक भी कपड़ा नहीं था और आंटी के वो गोरे एकदम तने हुए बड़े आकार के बूब्स को देखकर मेरा 6 इंच का लंड एकदम से तन सा गया था। अब मैंने अपनी चकित नजरों से देखा कि शोभा आंटी की उस चूत पर मुझे बहुत सारे काले और घने बाल दिखाई दे रहे थे, जिसको देखकर में एकदम पागल हो चुका था।

दोस्तों मैंने अपनी शोभा आंटी को पहले हमेशा कपड़े में ही देखा था, लेकिन उनको आज में पहली बार पूरा नंगा और उनके उस गोरे जिस्म को बिना कपड़ो के देखकर मेरी नियत उन पर बिल्कुल खराब हो चुकी थी। दोस्तों मैंने उस दिन पहली बार उनका वो रूप देखा था, मेरी शोभा आंटी उनके पूरे नंगे बदन में एकदम गोरी और किसी बिना कपड़ो वाली परी की तरह दिखाई दे रही थी। अब मैंने देखा कि वो अंकल के लंड को अपने एक हाथ में लेकर ज़ोर ज़ोर से हिलाकर उन्हे उस गहरी नींद से जगाने की कोशिश किए जा रही थी, लेकिन अंकल शराब के उस समय बहुत नशे में होने की वजह से नींद से उठ ही नहीं पा रहे थे। फिर उस समय मुझे ऐसा लग रहा था कि काश अंकल की जगह में होता और आंटी मेरे लंड को पकड़कर ज़ोर ज़ोर हिलाकर मुझसे अपनी चुदाई करने के लिए कहती। फिर बेचारी शोभा आंटी जब अंकल को बहुत देर उठाने के बाद भी जब वो नहीं उठे उसके बाद वो पूरी रात अपनी फूटी हुई उस किस्मत पर रोती हुई अपने बिस्तर पर सोने की कोशिश करने लगी थी। फिर में भी एकदम चुपचाप अपने कमरे में चला गया, लेकिन जब अपने बिस्तर पर सोने की कोशिश करके भी करवटे बदल बदलकर में सो नहीं पा रहा था।

दोस्तों उसकी वजह थी वही कुछ देर पहले देखा हुआ सेक्सी मनमोहक द्रश्य जिसकी वजह से अब भी शोभा आंटी का वो कामुक नंगा बदन मेरी आँखों के सामने मुझे दिखाई दे रहा था और अब मुझे मेरी शोभा आंटी कम और एक प्यासी चुदाई के लिए तरसती हुई औरत ज्यादा दिखाई दे रही थी। अब मेरे दिमाग़ में सिर्फ़ यही चल रहा था कि में अपनी शोभा आंटी को किस तरह चोदकर उनकी चुदाई के मज़े लूँ? इस तरह के विचार मुझे बार बार परेशान किए जा रहे। फिर उस सोचा विचारी में कब सुबह हुई मुझे पता भी नहीं चला और फिर सुबह उठकर नहाने के बाद में अपने काम से चला। फिर उसी दिन में जब अपने काम से घर आया तब मैंने देखा कि शोभा आंटी ने मेरा कमरा एकदम साफ करके चमका दिया था और यह देखकर में तो एकदम से डर गया। दोस्तों वो डर इसलिए था क्योंकि, मेरे कमरे में मैंने बहुत सारी नंगी फोटो की किताबे छुपा रखी थी। अब मैंने देखा कि मेरी आंटी ने वो सभी किताबे एक जगह पर ठीक तरह से जमाकर रख दिया था। फिर मैंने एकदम से टेंशन में आकर शोभा आंटी को पूछा कि शोभा आंटी क्या आपने किसी किताब को खोलकर देखा तो नहीं?

अब आंटी मेरे मुहं से वो बात सुनकर थोड़ी सी मुस्कुराती हुई मुझसे कहने लगी कि मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा अब इतना बड़ा हो गया है? फिर में उनकी उस बात और उनकी उस शरारती हंसी को देखकर उनके शब्दों को सुनकर तुरंत समझ गया था कि मेरी आंटी ने मेरी वो सभी सेक्सी किताबे खोलकर जरुर देखी है। फिर मेरे मन में एक विचार आया और में मन ही मन में सोचने लगा कि अब जाने भी दो जो हुआ सो अच्छा ही हुआ, होने वाली बात को कौन रोक सकता है? यह सब मेरी किस्मत में लिखा था। फिर दूसरे दिन मैंने जानबूझ कर डीवीडी प्लेयर में एक सेक्सी फिल्म को लगाकर छोड़ दिया और उसके बाद में अपने काम से जाते समय शोभा आंटी को कहकर गया कि शोभा आंटी अगर तुम्हे घर में अकेलापन लगे तो आप टीवी को चालू करके फिल्म देख लेना। फिर में जब घर से बाहर गया, तब शोभा आंटी ने टीवी का जब बटन दबाया तो उसके साथ ही डीवीडी प्लेयर भी चालू हो गया और टीवी के ऊपर वो सेक्सी फिल्म शुरू हो गयी। अब उस सेक्सी फिल्म को देखकर शोभा आंटी बहुत गरम हो चुकी थी, शायद शोभा आंटी ने वो सेक्सी फिल्म दिन में चार-पांच बार चालू करके देखी होगी।

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