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संजना के चुदाई का जश्न

Antarvasna, desi kahani: मैं अपने रूम में बैठा हुआ अपने लैपटॉप पर काम कर रहा था संजना मेरे पास आई और कहने लगी कि मुझे आपसे कोई जरूरी काम था। मैंने संजना से कहा कि हां कहो तुम्हें क्या जरूरी काम था तो संजना ने मुझे कहा कि वह चाहती है कि हम लोग उसके दोस्त के घर जाए। मैंने संजना से कहा कि लेकिन तुम किसकी बात कर रही हो तो संजना ने मुझे कहा कि मैं कावेरी की बात कर रही हूं। मैंने संजना को कहा कि मैं कभी कावेरी से नहीं मिला हूं संजना ने मुझे बताया कि हां आपकी कभी कावेरी से मुलाकात नहीं हुई है। संजना ने मुझे बताया कि कावेरी और उसके पति कुछ समय पहले ही लखनऊ में शिफ्ट हुए हैं मैंने संजना से कहा यह तो बहुत ही अच्छा है। कावेरी संजना की काफी पुरानी दोस्त है और वह चाहती थी कि हम लोग उनके घर उनसे मिलने के लिए जाएं। मैंने संजना से कहा कि ठीक है हम लोग उनसे मिलने के लिए उनके घर पर चलते हैं और हम लोग उन्हें मिलने के लिए उनके घर पर चले गए। जब हम लोग कावेरी के घर पर गए तो उस दिन मुझे कावेरी के घर पर जाकर काफी अच्छा लगा।

कावेरी काफी अच्छी है और मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि हम लोग साथ में अच्छा समय बिता पाये और मुझे बहुत ही अच्छा लगा। उस दिन मैं और संजना जब घर लौट रहे थे तो रास्ते में संजना ने मुझे कहा कि मुझे आइसक्रीम खाने का बड़ा मन है। मैंने संजना से कहा कि ठीक है मैं अभी कार रोकता हूं और मैंने कार रोकी तो वहां पर हम दोनों ने आइसक्रीम खाई। मैंने संजना से कहा कि तुम्हें याद है जब हम लोग पहली बार एक दूसरे से मिले थे तो उस दिन भी हम दोनों ने आइसक्रीम खाई थी। संजना मुझे कहने लगी कि हां मुझे आज भी वह दिन याद है जब हम लोग पहली बार मिले थे। हम दोनों अपनी कुछ पुरानी यादों को ताजा कर रहे थे और मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब उस दिन मैं और संजना साथ में बातें कर रहे थे। हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे और मुझे इस बात की बड़ी खुशी है कि संजना और मैं साथ में बहुत ही अच्छा समय बिता पा रहे हैं।

उस दिन मैं और संजना घर वापस लौट आए जब हम लोग घर वापस लौटे तो मैंने संजना को कहा मुझे नींद आ रही है तो संजना मुझे कहने लगी कि आप सो जाइए। मैं सो चुका था और अगले दिन जब सुबह मैं उठा तो संजना नाश्ता बना रही थी मैंने संजना से कहा कि तुम मेरे लिए जल्दी नाश्ता बना देना क्योंकि मुझे ऑफिस जल्दी जाना है। संजना ने कहा कि ठीक है मैं आपके लिए जल्दी नाश्ता बना देती हूं। संजना मेरे लिए नाश्ता बना रही थी तब तक मैं नहाने के लिए बाथरूम में चला गया और जब मैं नहा कर बाहर निकला तो संजना ने कहा कि मैंने आपके लिए नाश्ता बना दिया है। मैंने उसे कहा कि बस थोड़ी देर रुक जाओ मैं अभी नाश्ता कर लेता हूं। मैं अपने रूम में चला गया और अपने रूम में जाने के बाद मैं ऑफिस जाने की तैयारी करने लगा था। मैंने जल्दी से नाश्ता किया और उसके बाद मैं अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ा। मैं जब अपने ऑफिस पहुंचा तो उस दिन ऑफिस में काफी ज्यादा काम था और मैं संजना को फोन ना कर सका।

जब मैं वापस घर लौटा तो संजना ने मुझे कहा कि मैंने आपको कितने फोन किये लेकिन आपने मेरा फोन नहीं उठाया। मैंने संजना को कहा कि मैं तुम्हारा फोन नहीं उठा पाया क्योंकि मैं ऑफिस में बिजी था और जब शाम को मैं घर लौट रहा था तो मेरे दिमाग से यह बात पूरी तरीके से उतर गई थी की मुझे तुम्हें फोन करना था। संजना और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे लेकिन जब मैंने देखा 9:00 बज चुके है तो मैंने संजना से कहा कि तुम खाना बना दो। संजना ने खाना बनाया और फिर हम दोनों ने डिनर किया उसके बाद हम दोनों साथ में बैठे हुए थे। संजना ने मुझे कहा कि आज मेरी पापा मम्मी से बात हुई थी मैंने संजना को कहा कि मैं भी काफी दिनों से सोच रहा था कि मैं पापा मम्मी को फोन करूँ लेकिन मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया था। संजना ने मुझे कहा कि मैं चाहती हूं कि आप उन्हें फोन कर लीजिए। मैंने उस दिन पापा को फोन किया पापा ने मुझे कहा कि बेटा मैं और तुम्हारी मां तुम्हारे पास आना चाहते हैं।

पापा मम्मी गांव में ही रहते हैं और वह लोग चाहते थे कि वह लोग हमारे पास रहने के लिए आ जाएं। मैंने उन्हें अपने पास बुला लिया था और वह लोग जब हम लोगों के पास दिल्ली आए तो मुझे काफी खुशी हुई। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि पापा और मम्मी हम लोगों के साथ रहने लगे हैं और इस बात से संजना भी बहुत खुश है कि पापा मम्मी हम लोगों के साथ रहते हैं। एक दिन हमारे घर पर कविता आई हुई थी उस दिन जब कविता घर पर आई तो मैंने कविता से कहा कि तुम काफी दिनों के बाद घर पर आ रही हो। कविता ने मुझे बताया कि वह आजकल अपने काम के चलते काफी बिजी थी इसलिए वह हम लोगों से मिलने नहीं आ पाई। कविता हमारी दूर की रिश्तेदार है लेकिन वह मेरी काफी अच्छी दोस्त भी है और मुझे जब भी कविता की जरूरत होती तो वह हमेशा ही मेरा साथ देती।

उस दिन मुझे बहुत ही अच्छा लगा कि कविता हम लोगों से मिलने के लिए आई हुई थी। उस दिन कविता ने हम लोगों के साथ डिनर किया और हम लोगों को भी काफी अच्छा लगा जब उस दिन कविता ने हम लोगों के साथ डिनर किया उसके बाद कविता अपने घर चली गई थी। उस दिन के बाद उस से मेरी मुलाकात करीब एक महीने के बाद हुई और जब कविता से मेरी मुलाकात हुई तो उसने मुझे कहा कि उसकी सगाई होने वाली है। मैंने कविता से कहा कि यब तो तुमने मुझे बताया नहीं था। कविता बहुत ज्यादा खुश थी कि उसकी अब सगाई होने वाली है और जब कविता की सगाई हुई तो हम लोग भी उसकी सगाई में गए हुए थे। कविता की सगाई बहुत ही अच्छे से हुई और अब कविता की शादी भी जल्द ही होने वाली थी। जब कविता की शादी हुई तो सब लोग बहुत खुश थे कि कविता की शादी हो चुकी है। उस दिन मैं और मेरी पत्नी संजना शादी में गए हुए थे तो रात के वक्त हम लोग घर वापस लौट आए थे।

जब मैं और संजना घर वापस लौटे तो हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे। संजना और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे।  मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया तो उसे मजा आने लगा वह पूरी तरीके से गर्म होती चली गई। मैंने संजना को कहा मैं अब तुम्हारी गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहा हूं और उसने भी मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और वह उसे हिलाने लगी। वह मेरे मोटे लंड को हिला रही थी तो मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी और संजना भी गर्म हो चुकी थी उसने मेरे लंड को अपने मुंह में समा लिया और वह उसे चूसने लगी। जब वह मेरे लंड को चूसने लगी तो मुझे मजा आने लगा और उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को चूसकर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी। अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे और मैंने संजना को कहा मैं अब तुम्हारी गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पाऊंगा।

संजना कहने लगी तुम मेरी चूत में अपने लंड को डाल दो। वह अपनी चूत पर उंगली को लगा रही थी। जब वह अपनी योनि पर उंगली को लगा रही थी तब उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ रही थी। मैंने संजना को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है और मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाते हुए अंदर डालना शुरू किया। जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपने लंड को घुसाया तो मुझे बहुत मजा आने लगा था। वह बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। अब मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था मैंने संजना से कहा मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है। जब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे तो उससे हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। संजना मुझे कहने लगी तुम मुझे और तेजी से धक्के देते जाओ। मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था उसकी गरम सिसकारियां मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी और वह बहुत ज्यादा गरम हो गई थी। जिस तरीके से संजना और मै एक दूसरे का साथ दे रहे थे उससे मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। जब मैंने संजना की चूत में अपनी वीर्य को गिराया तो वह खुश हो गई थी।

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