Best Hindi sex stories

Sab se achi Indian Hindi sex kahaniya!

स्वाती की गांड थूक लगाकर चोदी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शिव है और में पटना बिहार का रहने वाला हूँ. यह घटना आज से 1 साल पहले की है, तब में 22 साल का था. मेरे साथ एक स्वाती नाम की लड़की पढ़ती थी, उसका फिगर बहुत ही मस्त था और साथ ही वो दिखने में भी बहुत ही खूबसूरत थी, जब वो चलती थी तो उसके कूल्हें मटकते थे. कोचिंग के सारे लड़के उसकी गांड पर फिदा थे, वो सब इसी मौके में रहते थे कि कैसे भी करके उसके साथ एक बार सेक्स करने का मौका मिल जाए? में और स्वाती अच्छे दोस्त थे और वो मुझसे कुछ ज़्यादा ही घुलमिल गयी थी.

वो भी पटना में गर्ल्स हॉस्टल में अकेली ही रहती थी. जब अगस्त का महीना था, जैसा की आप सब जानते है कि इस महीने में बारिश बहुत ज़्यादा होती है. हमारी क्लास शाम को ही शुरू होती थी. फिर उस शाम अचानक से बारिश होने लगी. अब में और स्वाती क्लास में ही रुके हुए थे.

अब रात के 8 बज गये थे और बारिश ख़त्म ही नहीं हो रही थी. में अपनी बाइक से क्लास आता था. फिर तब मैंने सोचा कि अब यह बारिश नहीं रुकने वाली है, अब घर के लिए चलना चाहिए, क्योंकि मुझे घर जाकर खाना भी बनाना पड़ता था, क्योंकि में भी अकेला ही रहता था. फिर जब में कोचिंग से चलने लगा.

तब स्वाती ने कहा कि शिव प्लीज मेरी एक मदद कर दोगे? तो तब मैंने पूछा कि कैसी मदद? तो उसने कहा कि मेरा हॉस्टल यहाँ से थोड़ी दूरी पर है. उस रोड में काफ़ी पानी भर गया होगा, क्या तुम मुझे ड्रॉप कर दोगे? तो तब मैंने कहा कि ठीक है, क्यों नहीं? अब वो मेरी बाइक के पीछे बैठ गयी थी, बारिश अभी ख़त्म नहीं हुई थी. अब हम दोनों कुछ ही मिनट में पूरी तरह से भीग गये थे, तो तभी अचानक से मेरी बाइक पंक्चर हो गयी.

अब तो में और स्वाती बुरी तरह से फँस गये थे, बारिश की वजह से कोई दुकान भी खुली नहीं थी जहाँ में बाइक रिपेयर करवा सकता था. फिर मैंने स्वाती से कहा कि अब हमारे पास दो ही रास्ते है या तो मेरे साथ घर चलो या फिर में तुम्हें पैदल ही तुम्हारे हॉस्टल तक छोड़ आता हूँ. तो तब उसने कहा कि अभी रात के 9 बज चुके है और हॉस्टल का गेट भी बंद हो गया होगा. अब वो थोड़ी झिझक रही थी और फिर बाद में वो मेरे घर चलने के लिए मान गयी.

फिर जब तक में और स्वाती घर पहुँचे तो तब रात के 10 बज चुके थे. फिर मैंने घर पहुँचते ही उसको अपनी शर्ट पैंट दी और उससे कहा कि तुम अपने कपड़े चेंज कर लो. फिर थोड़ी देर के बाद में भी अपने कपड़े चेंज करके खाना बनाने लगा. तो तब स्वाती ने कहा कि लाओ, में तुम्हारी कुछ मदद कर दूँ. अब वो सब्जी काटने के लिए मेरे बगल में आकर बैठ गयी थी.

फिर तभी सब्जी काटते हुए उसके हाथ मेरे हाथों से टकरा गये. तो तब मुझे एक अजीब सी सिहरन महसूस हुई, शायद उसे भी कुछ महसूस हुआ था. फिर थोड़ी देर के बाद खाना खाकर हम सोने के लिए चल दिए. मेरा फ्लेट सिंगल रूम का था, तो तब मैंने कहा कि तुम बेड पर सो जाओ, में बाहर बालकनी में सो जाता हूँ. फिर तब उसने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है, हम दोनों यहीं पर सो जाते है. फिर तब मैंने कहा कि ठीक है.

अब हम सोते हुए एक दूसरे से बात कर रहे थे और बारिश लगातार हो रही थी. तभी मैंने उसके करीब जाकर उसके पैर पर अपना पैर रख दिया. उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया और ना ही कोई विरोध हुआ था. फिर मैंने कहा कि स्वाती एक बात बोलूं? तो तब उसने कहा कि क्या? तो मैंने कहा कि क्या हम दोनों? तो उसने फिर से पूछा कि हम दोनों क्या? तो मैंने कहा कि में तुमसे प्यार करता हूँ, क्या हम लोग एक हो सकते है? तुम्हारा क्या जवाब है? और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मुझ पर भरोसा करती हो? तो तब उसने कहा कि बुद्धू राम अगर भरोसा नहीं होता तो क्या तुम्हारे साथ यहाँ पर आती? वो भी अकेले.

अब बस मुझे और क्या चाहिए था? फिर मैंने झट से उसके लिप्स पर किस करना शुरू कर दिया. अब उसने भी मेरे लिप्स को चूसना शुरू कर दिया था. फिर में अपने दोनों हाथों से उसके दोनों बूब्स दबाने लगा. अब वो सिसकने लगी थी. अब मेरा लंड पूरा टाईट हो गया था और ऐसा लग रहा था कि जैसे बाहर आ जाएगा. फिर मैंने उसकी ब्रा खोलकर उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया, उफ उसके गोरे-गोरे बूब्स कयामत ढा रहे थे.

मैंने उसके दोनों बूब्स को करीब आधे घंटे तक सक किया. फिर में अपनी उँगलियों से धीरे-धीरे उसकी चूत को ऊपर से सहलाने लगा. अब वो काफ़ी गर्म हो चुकी थी और मुझे जोश दिलाने के लिए फ्रेंच किस करने लगी थी. फिर में अपनी एक उंगली उसकी चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगा. अब वो उत्तेजित होकर कहने लगी थी कि मेरे शिव आज मुझे अपनी बीवी का दर्जा दे दो. आज अपना लंड मेरी चूत में डालकर मुझे तृप्त कर दो, आह्ह मेरे जानम, प्लीज, अब नहीं रहा जाता, आ जाओ मेरे अंदर समा जाओ.

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो उसने कहा कि क्या में देख सकती हूँ? तो तब मैंने कहा कि क्यों नहीं? अब तो यह तुम्हारा ही है और फिर वो थोड़ी देर तक मेरे लंड को देखती रही और फिर वो उसे खोलकर मेरे लंड को चूसने लगी थी. फिर मैंने उससे कहा कि इसको गीला करो.

तब वो अपना ढेर सारा थूक उस पर गिराकर मेरे लंड को अंदर बाहर करने लगी. फिर मैंने उसकी चूत को थोड़ी देर तक चाटने के बाद अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रखकर धीरे से एक झटका मारा. तो वो दर्द के मारे चिल्ला उठी, मेरा लंड अभी 2 इंच ही उसकी चूत में गया था. फिर में कुछ देर तक ऐसे ही रुका रहा और उसके होंठो को चूसता रहा. फिर मैंने अपने होंठो से उसके होंठो को कसकर दबाया और एक जोरदार झटका मारा तो मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ पूरा अंदर चला गया था.

अब वो दर्द के मारे रोने लगी थी. फिर में वैसे ही कुछ देर तक पड़ा रहा और उसके होंठो को चूसता रहा. फिर थोड़ी देर के बाद जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो मैंने अपने लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया. अब उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था. अब वो भी अपनी गांड उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी थी. फिर थोड़ी देर तक मज़े लूटने के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो मैंने देखा कि पूरी बेडशीट खून से भीग चुकी थी. फिर मैंने बेडशीट चेंज कर दी.

थोड़ी देर के बाद मेरा लंड फिर से टाईट हो गया तो मैंने उससे कहा कि देखो ना यह फिर से खड़ा हो गया है. फिर तब उसने कहा कि कोई बात नहीं, में फिर से अपने राजा को शांत कर दूँगी. फिर तब मैंने कहा कि नहीं, में इस बार तुम्हें कुछ और चीज का मज़ा दिलाना चाहता हूँ. फिर तब उसने कहा कि क्या? तो तब मैंने कहा कि में तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ. फिर वो डर गई और कहने लगी कि नहीं, चूत में ही इतना दर्द होता है तो गांड में अंदर लेने में तो में मर ही जाउंगी. फिर तब मैंने कहा कि कुछ नहीं होता है, बस थोड़ा सा दर्द और फिर मज़ा ही मज़ा है.

फिर थोड़ी देर तक आनाकानी करने के बाद वो मान गयी. फिर मैंने उसे घोड़ी की तरह लेटाया और उसकी गांड की छेद पर ढेर सारा थूक और वेसलिन लगा दी और उसके ऊपर चढ़कर एक जोरदार झटका लगाया, तो वो दर्द से तड़प उठी, लेकिन में उसके दर्द की परवाह ना करते हुए लगातार धक्के लगाने लगा था. फिर शुरू में तो मुझे ऐसा लगा कि वो दर्द से मर जाएगी, लेकिन 5 मिनट के बाद ही वो मस्त होकर अपनी गांड मरवाने लगी थी.

अब में भी उसके ऊपर चढ़कर उसकी गांड जोर-जोर से पेलने लगा था. फिर 15 मिनट के बाद में झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया. फिर थोड़ी देर के बाद वो उठी और मुझे ज़ोर से किस करते हुए कहा कि थैंक यू, आज तुमने मुझे औरत का एहसास करा दिया. फिर हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला, तो हमने चुदाई का भरपूर आनंद लिया और खूब इन्जॉय किया.

Updated: September 13, 2017 — 8:26 am
Best Hindi sex stories © 2017
error:

Online porn video at mobile phone


?????? ????? ???????gandi kahanichachi ki antarvasnanew antarvasna in hindi??kamukta.comreal sex storiesexbii hinditamancheyantarvasna sexstoryantarvasna sax????aunty ko chodaanutybap beti antarvasnasexy boobantarvasna hindisexstoriesfree antarvasnamomxxx.comantarvasna risto mekamasutra xnxxmeri chudaisex teacherantarvasna hindi moviesavita bhabi.comsex hindi antarvasnakamsutra sexwww.antarvasnahindi sx storyhindi sex storiegay sexaunty blousesexybhabhisecretary sexantarvasna ki kahani hindiantarvasna hot storieshindi sexy storymeri chudaiaunty boy sexantarvasna,comjiji maachudai ki kahaniindiansexstoriessex story hindiaunty sex with boygirl antarvasnasumanasa hindistory of antarvasnawww.kamukta.comantarvasna com hindi kahanidesi chudai kahaniindian sex storiesantarvasna hindi.comjabardasti chudaisexy hindi story antarvasnaantarvasna photo comindian boobs pornchachi ki antarvasnabaap beti antarvasnaindian maid sex storiesstory pornstory sexindian antarvasnalatest sex storyaunt sexgroup antarvasnaindian bhabhi sexchudai ki khanisuhagraatbhojpuri antarvasnabaap beti ki antarvasnasexy story in hindinew hindi sex storyindian incest storyhindi chudaihindi sex chathindi sx storysex auntiesanterwasnaantarvasna.comindian femdom storiesantarvasna com new storysex story hindi antarvasna?????? ?????indian maid sex storiesgujrati antarvasnaantarvasna free hindi sex storychudaisexy desichahat movie